REET समायोजन, अभिप्रेरणा | बाल विकास एवं शिक्षण विधियाँ | REET 2025 | मनोविज्ञान | महत्वपूर्ण प्रश्न by RPSC | December 25, 2024 Facebook फ्री टेस्ट , नोट्स और अपडेट के लिए Join करे 👇👇 Join WhatsApp Join Now Join Telegram Join Now Report a question What’s wrong with this question? You cannot submit an empty report. Please add some details. /20 47 1234567891011121314151617181920 समायोजन, अभिप्रेरणा | बाल विकास एवं शिक्षण विधियाँ | REET 2025 | मनोविज्ञान | महत्वपूर्ण प्रश्न 🔴महत्वपूर्ण निर्देश 🔴 ✅ टेस्ट शुरू करने से पहले कृपया सही जानकारी भरे | ✅ सभी प्रश्नों को आराम से पढ़कर उत्तर दे | ✅सभी प्रश्नों का उत्तर टेस्ट पूर्ण करने पर दिखाई देगा | ✅ टेस्ट पूर्ण करने पर सभी प्रश्नों के उत्तर विस्तार से समझाया गया है | Name 1 / 20 1. “समायोजन अधिगम में वृद्धि करने की प्रक्रिया है।” यह परिभाषा दी? स्कीनर कॉलमैन गेट्स बोरिंग Solution • स्कीनर – “समायोजन अधिगम में वृद्धि करने की प्रक्रिया है।” • गेट्स – “समायोजन एक सतत चलने वाली प्रक्रिया है, जिससे व्यक्ति अपने वातावरण के साथ सामंजस्य स्थापित करने के लिए अपने व्यवहार में परिवर्तन करता है।” • कॉलमैन – “समायोजन अपनी आवश्यकताओं की पूर्ति एवं खिंचावों से बाहर निकलने के लिए व्यक्ति के द्वारा किये गए प्रयासों का परिणाम है।” 2 / 20 2. निम्न में से कौन-सा जन्मजात अभिप्रेरक नहीं है? प्यास आकांक्षा निद्रा भूख Solution • मैस्लो ने दो प्रकार के अभिप्रेरक बताए – 1. जन्मजात अभिप्रेरक 2. अर्जित अभिप्रेरक • जन्मजात अभिप्रेरक :- ऐसा प्रेरक जो अनिवार्य आवश्यकताओं को प्रेरित करता है, प्राथमिक प्रेरक/जन्मजात प्रेरक कहलाता है। जैसे – भूख, प्यास, नींद, काम जबकि आकांक्षा अर्जित अभिप्रेरक हैं। 3 / 20 3. निम्न में से कौन-सी रक्षात्मक युक्ति (Defense mechanism) नहीं है? तादात्मीकरण (Identification) क्षतिपूर्ति (Compensation) औचित्य स्थापन (Rationalization) साहचर्य (Companionship) Solution • रक्षात्मक युक्तियाँ :- अहम् रक्षात्मक युक्तियाँ अचेतन स्तर पर काम करती हैं। रक्षात्मक युक्तियाँ हमारे विशिष्ट प्रकार के व्यवहार और प्रतिक्रियाओं का प्रतिनिधित्व करती है। रक्षात्मक युक्तियाँ व्यक्तित्व का रक्षाकवच होती हैं। • प्रमुख रक्षात्मक युक्तियाँ :- दमन, युक्तीकरण, औचित्य-स्थापन, प्रतिक्रिया निर्माण, उदात्तीकरण, तादात्मीकरण, प्रक्षेपण, विस्थापन, प्रतिगमन, क्षतिपूर्ति इत्यादि। • साहचर्य रक्षात्मक युक्ति नहीं है। 4 / 20 4. रीतिक पैर से विकलांग हैं, तो उसे कक्षा में बाकी बच्चों के साथ समायोजन करने में परेशानी होती हैं, तो वह कक्षा में प्रथम स्थान लाकर कक्षा में समायोजन स्थापित करता है। उसने निम्न में से किस रक्षा युक्ति का प्रयोग किया? दमन (Repression) क्षतिपूर्ति (Compensation) औचित्य स्थापन (Rationalization) प्रक्षेपण (Projection) Solution • क्षतिपूर्ति (Compensation) – इस युक्ति में व्यक्ति किसी एक क्षेत्र में असफल हो जाने पर किसी अन्य क्षेत्र में सफलता प्राप्त करके प्रथम क्षेत्र की क्षतिपूर्ति कर लेता है। ऐसा करने से वह अपने असंतोष को छिपाकर दूसरे क्षेत्र में संतोष प्राप्त कर लेता है। जैसे – रीतिक विकलांग है तो उसे कक्षा में बाकी बच्चों के साथ समायोजन करने में परेशानी होती है, तो वह कक्षा में प्रथम स्थान लाकर कक्षा में समायोजन स्थापित करता है। 5 / 20 5. निम्नलिखित में से कौन-सा आंतरिक अभिप्रेरणा का सबसे अच्छा उदाहरण है? शोभा कहानी की पुस्तक पढ़ रही है क्योंकि उसके शिक्षक ने इसे दिया है और वह अपने शिक्षक को खुश करना चाहती है। राहुल कक्षा में एक अच्छा ग्रेड प्राप्त करने के लिए कड़ी मेहनत कर रहा है। संदीप कक्षा में होने वाले टेस्ट के लिए कड़ी मेहनत कर रहा है क्योंकि अच्छे अंक लाने पर उसके पिता ने उसे साइकिल देने का वादा किया है। सपना कक्षा में होने वाले टेस्ट के लिए कड़ी मेहनत कर रही है क्योंकि वह पाठ्यक्रम सामग्री का अध्ययन करने में आनंद महसूस करती है। Solution • आन्तरिक अभिप्रेरणा (प्राकृतिक / जन्मजात / अनसीखी / सकारात्मक) (Internal Motivation)– किसी कार्य या क्रिया को स्वयं की इच्छा (स्वत: अभिरुचि) से करते हैं तथा जिसको करने से हमें सुख व संतोष की अनुभूति होती है। • यह व्यक्ति के जन्म के साथ ही आती है। इनकी पूर्ति अनिवार्य व आवश्यक है। वुडवर्थ ने मूल प्रवृत्तियों को अनसीखी अभिप्रेरणा कहा है। यह अपने आप में कार्य का अन्त होती है। जैसे- सपना कक्षा में होने वाले टेस्ट के लिए कड़ी मेहनत कर रही है क्योंकि वह पाठ्यक्रम सामग्री का अध्ययन करने में आनंद महसूस करती है। 6 / 20 6. एक आन्तरिक मानसिक दशा जो किसी व्यवहार को आरम्भ करने तथा बनाए रखने के लिए प्रवृत्त करती हैं, कहलाती है – अभिक्षमता अभिवृत्ति अभिप्रेरणा अभिरुचि Solution • गुड एनएफ– “किसी कार्य को आरम्भ करने, जारी रखने और नियमित बनाने की प्रक्रिया ही अभिप्रेरणा है।” • कोई भी कार्य करने के लिए हमें कुछ बाह्य तथा आंतरिक शक्तियाँ प्रेरित करती हैं और हम किसी कार्य को कर पाते हैं। ये शक्तियाँ ही अभिप्रेरणाएँ हैं। • एक आन्तरिक मानसिक दशा जो किसी व्यवहार को आरम्भ करने तथा बनाए रखने के लिए प्रवृत्त करती हैं, अभिप्रेरणा कहलाती है। 7 / 20 7. जब दो निषेधात्मक एवं परस्पर अवांछनीय विकल्पों में से एक को चुनना पड़ता है तो कौन-सा द्वन्द्व उत्पन्न होता है? उपागम – उपागम द्वन्द्व (Approach-Approach Conflict) उपागम – परिहार द्वन्द्व (Approach-Avoidance Conflict) परिहार – परिहार द्वन्द्व (Avoidance-Avoidance Conflict) उपर्युक्त में से कोई नहीं Solution • जब दो विध्यात्मक/सकारात्मक तथा इष्ट विकल्पों में से एक का चयन करना पड़ता है तो उपागम – उपागम द्वन्द्व होता है किन्तु जब दो निषेधात्मक एवं परस्पर अवांछनीय विकल्पों में से एक को चुनना पड़ता है तो परिहार – परिहार द्वन्द्व होता है। 8 / 20 8. कौन-सा अभिप्रेरणा का घटक नहीं है? आवश्यकताएँ रटन्तस्मृति अन्तर्नोद प्रोत्साहन Solution • अभिप्रेरणा के घटक:- (i) आवश्यकता (ii) चालक/अन्तर्नोद (iii) प्रोत्साहन 9 / 20 9. “किसी भ्रष्ट नेता द्वारा भ्रष्टाचार के विरोध में भाषण देना” समायोजन की एक रक्षायुक्ति है – प्रतिक्रिया निर्माण युक्तीकरण उदात्तीकरण आत्मीकरण Solution • प्रतिक्रिया निर्माण (Reaction Formation)– अन्तर्निहित इच्छा के बिल्कुल विपरीत व्यवहार करना। इसमें व्यक्ति अपने अहं (Ego) को किसी कष्टदायक एवं अप्रिय इच्छा तथा प्रेरणा के ठीक विपरीत इच्छा या प्रेरणा विकसित कर बचाता है। जैसे- 1. भ्रष्ट नेता द्वारा भ्रष्टाचार के विरोध में भाषण देना। 2. चरित्रहीन व्यक्ति द्वारा चरित्र संबंधी बातों पर तरह-तरह के मुँह बनाना। 3. सौतेली माँ द्वारा बेटी से नफरत के बावजूद स्नेह और प्यार करना। 4. बगुला भगत होना। 10 / 20 10. समायोजन (Adjustment) में शिक्षक की भूमिका है – अधिगम योग्य वातावरण का निर्माण करना। बालकों की मानसिक समस्याओं का समाधान तत्काल करना। परीक्षा प्रणाली में सुधार करना। उपर्युक्त सभी Solution • समायोजन में शिक्षक की भूमिका निम्न हैं – 1. अधिगम योग्य वातावरण का निर्माण करना। 2. नवीन पाठ्यचर्या का निर्माण करना। 3. विद्यालय को राजनीतिक वातावरण से दूर रखना। 4. विद्यालय में रचनात्मक गतिविधियों एवं सहशैक्षणिक गतिविधियों का संचालन करना। 5. बालकों की मानसिक समस्याओं का समाधान तत्काल करना। 6. परीक्षा प्रणाली में सुधार करना। 11 / 20 11. व्यक्तित्व समायोजन की प्रत्यक्ष विधि है – शोधन प्रक्षेपण प्रतिगमन बाधा निराकरण Solution • व्यक्तित्व समायोजन की प्रत्यक्ष विधियाँ – – बाधा का निवारण – मार्ग परिवर्तन – लक्ष्य प्रतिस्थापन – व्याख्या/निर्णय/निष्कर्ष • जबकि शोधन, प्रक्षेपण, प्रतिगमन इत्यादि अप्रत्यक्ष विधियाँ हैं। 12 / 20 12. बालक जो अपने विद्यालय में अच्छा कार्य नहीं करते हैं प्रायः अपने अध्यापकों की आलोचना करते हैं। समायोजन की यह यान्त्रिकी कहलाती है – क्षति पूर्ति शोधन औचित्य स्थापन प्रक्षेपण Solution • प्रक्षेपण :- इस युक्ति में व्यक्ति अपनी कमी/दोष को दूसरे व्यक्ति या परिस्थिति पर आरोपित करता है अर्थात् व्यक्ति अपने दोष या कमी के लिए किसी दूसरे व्यक्ति, वस्तु या परिस्थिति को जिम्मेदार ठहराता है। जैसे – नाच न जाने आँगन टेढ़ा – बालक द्वारा अपने विद्यालय में अच्छा कार्य नहीं करने पर अपने अध्यापकों की आलोचना करना। 13 / 20 13. “एक राम नाम का बालक परीक्षा में फेल हो जाता है, तो वह बहाना गढ़ता है, कि प्रश्नपत्र पाठ्यक्रम से बाहर का था।” राम नाम के बालक द्वारा प्रकट की गई समायोजन की यह रक्षा युक्ति किस श्रेणी में आती है? प्रक्षेपण (Projection) तादात्मीकरण (Identification) औचित्य स्थापन (Rationalization) उदात्तीकरण (Sublimation) Solution • युक्तीकरण / तर्कसंगतीकरण / औचित्य स्थापन / परिमेयकरण (Rationalization):- इस युक्ति का सहारा लेकर व्यक्ति अपने किए हुए कार्य या व्यवहार की उचितता सिद्ध करने का प्रयत्न करता है। व्यक्ति विभिन्न तर्क संगत बहाना गढ़कर अपने कार्य-व्यवहार को उपयुक्त ठहराने का प्रयत्न करता है अर्थात् अयुक्तिसंगत अभिप्रेरकों एवं इच्छाओं से उत्पन्न मानसिक संघर्ष या तनाव का समाधान उन अभिप्रेरकों एवं इच्छाओं को युक्तिसंगत बनाकर तर्कपूर्ण या विवेकपूर्ण व्याख्या करता है। इसमें व्यक्ति संबंधित लक्ष्य या कार्य में ही कमी बता देता है। जैसे- 1. अंगूर खट्टे हैं। 2. नीबू मीठे हैं। 3. एक राम नाम का बालक परीक्षा में फेल हो जाता है, तो वह बहाना गढ़ता है, कि प्रश्नपत्र पाठ्यक्रम से बाहर का था। 14 / 20 14. जैविक, मनोवैज्ञानिक और सामाजिक अभिप्रेरणा के प्रकार हैं- गैरेट के अनुसार गुड के अनुसार गिलफोर्ड के अनुसार गेट्स के अनुसार Solution • गैरेट के अनुसार अभिप्रेरणा के तीन प्रकार हैं- 1. जैविक अभिप्रेरणा:- जैसे- भय, क्रोध एवं प्रेम आदि। 2. मनोवैज्ञानिक अभिप्रेरणा:- जैसे-रचनात्मक कार्य चिन्तन 3. सामाजिक अभिप्रेरणा:- जैसे- सम्मान, प्रतिष्ठा। 15 / 20 15. “अभिप्रेरणा व्यक्तियों की दशा का वह समूह है जो किसी निश्चित उद्देश्य की पूर्ति के लिए निश्चित व्यवहार को स्पष्ट करती है।”यह परिभाषा दी – गुड स्कीनर वुडवर्थ ब्लेयर, जॉनसन एवं सिम्पसन Solution • स्कीनर – “अभिप्रेरणा अधिगम का सर्वोत्तम राजमार्ग है।” • गुड के अनुसार – “अभिप्रेरणा कार्य को आरम्भ करने, जारी रखने और नियंत्रित करने की प्रक्रिया है।” • वुडवर्थ – “अभिप्रेरणा व्यक्तियों की दशा का वह समूह है जो किसी निश्चित उद्देश्य की पूर्ति के लिए निश्चित व्यवहार को स्पष्ट करती है।” 16 / 20 16. निम्नलिखित में से कौन-सी आवश्यकता मैस्लो के अभिप्रेरणा सिद्धान्त का भाग नहीं है? आत्मसिद्धि की आवश्यकता सम्मान की आवश्यकता संक्रिया आवश्यकता सुरक्षा की आवश्यकता Solution आवश्यकता पदानुक्रम का सिद्धांत– • प्रतिपादक– अब्राहम मैस्लो, वर्ष 1954 में (मानवतावादी) • अन्य नाम– माँग का सिद्धांत – स्व-यथार्थीकरण का सिद्धांत – आत्मसिद्धि का सिद्धांत • अब्राहम मैस्लो ने मानव की आवश्यकताओं को निम्न स्तर से उच्चतम स्तर की ओर एक निश्चित क्रम में प्रस्तुत किया और बताया कि एक आवश्यकता की पूर्ति दूसरी आवश्यकता को जन्म देने का कारण बनती है। • मैस्लो ने 5 प्रकार की आवश्यकताओं का वर्णन किया, जिनको एक पिरामिड के रूप में प्रस्तुत किया। 17 / 20 17. मूल प्रवृत्ति (Instincts) का सिद्धान्त देने वाले हैं – मैक्डूगल थॉर्नडाइक साइमण्ड्स एडलर Solution मूल प्रवृत्ति का सिद्धान्त :- • प्रतिपादक – विलियम मैक्डूगल (इंग्लैण्ड) • मैक्डूगल ने मूलप्रवृत्तियों को जन्मजात बताया है और अपने सिद्धांत में 14 मूल प्रवृत्तियाँ जो संवेगों से संबंधित हैं, का उल्लेख किया है। • मैक्डूगल ने यह निष्कर्ष निकाला कि मूलप्रवृत्तिजन्य उत्तेजना के समय होने वाली भावात्मक अनुभूति को ही संवेग कहा जाता है। 18 / 20 18. समायोजन (Adjustment) नहीं कर पाने का कारण है – तनाव (Stress) द्वंद्व (Conflicts) कुण्ठा (Frustration) उपर्युक्त सभी Solution • व्यक्ति के दैनिक जीवन में विभिन्न परिस्थितियाँ आती हैं जो व्यक्ति को कुसमायोजित करती हैं- 1. तनाव (Stress) 2. दबाव 3. कुण्ठा (Frustration) 4. द्वंद्व (Conflicts) 5. दुश्चिंता आदि 19 / 20 19. निम्न में से कौन-सा कार्य बाह्य प्रेरक है? (A) कवितापाठ (B) गणित के प्रश्न हल करना (C) दौड़ में भाग लेना (D) चित्र बनाना नीचे दिए कोड से सही उत्तर का चयन कीजिए : केवल (A) (B) और (D) केवल (C) (A) और (C) Solution • दौड़ में भाग लेना बाह्य प्रेरक है। बाह्य प्रेरक में व्यक्ति मानसिक प्रसन्नता प्राप्त करने के लिए काम नहीं करता, बल्कि कोई लक्ष्य प्राप्त करने के लिए या कोई पुरस्कार प्राप्त करने के लिए कार्य करता है। जबकि कवितापाठ, गणित के प्रश्न हल करना एवं चित्र बनाना आदि आंतरिक प्रेरक है। 20 / 20 20. अभिप्रेरणात्मक चक्र का संगत क्रम है- 1. आवश्यकता 2. उद्वेलन 3. अंतर्नोद 4. उपलब्धि 5. लक्ष्य निर्दिष्ट व्यवहार 6. उद्वेलन की कमी कूट: 1, 2, 3, 5, 4, 6 1, 3, 2, 5, 4, 6 2, 1, 4, 3, 5, 6 1, 5, 2, 3, 4, 6 Solution • अभिप्रेरणात्मक चक्र – Your score is 0% पुनः प्रारम्भ करे आपको यह क्विज कैसी लगी ….रेटिंग दे | धन्यवाद 😍 👇👇 Send feedback फ्री टेस्ट , नोट्स और अपडेट के लिए Join करे 👇👇 Join WhatsApp Join Now Join Telegram Join Now