REET LEVEL 2 SST राजस्थान का इतिहास महत्वपूर्ण प्रश्न | REET 2025 | सामाजिक अध्ययन ( इतिहास ) | महत्वपूर्ण प्रश्न by RPSC | December 26, 2024 Facebook फ्री टेस्ट , नोट्स और अपडेट के लिए Join करे 👇👇 Join WhatsApp Join Now Join Telegram Join Now Report a question What’s wrong with this question? You cannot submit an empty report. Please add some details. /20 84 1234567891011121314151617181920 राजस्थान का इतिहास महत्वपूर्ण प्रश्न | REET 2025 | सामाजिक अध्ययन ( इतिहास ) | महत्वपूर्ण प्रश्न 🔴महत्वपूर्ण निर्देश 🔴 ✅ टेस्ट शुरू करने से पहले कृपया सही जानकारी भरे | ✅ सभी प्रश्नों को आराम से पढ़कर उत्तर दे | ✅सभी प्रश्नों का उत्तर टेस्ट पूर्ण करने पर दिखाई देगा | ✅ टेस्ट पूर्ण करने पर सभी प्रश्नों के उत्तर विस्तार से समझाया गया है | Name 1 / 20 1. 1 नवम्बर, 1956 को राजस्थान के सिरोंज क्षेत्र को किस राज्य में मिला दिया गया? गुजरात मध्य प्रदेश उत्तर प्रदेश हरियाणा Solution राज्य पुनर्गठन आयोग की सिफारिश पर अजमेर-मेरवाड़ा, आबू-देलवाड़ा (सिरोही) व सुनेल टप्पा को वर्तमान राजस्थान में मिला लिया गया। वहीं राजस्थान के झालावाड़ का सिरोंज क्षेत्र मध्य प्रदेश में मिलाया गया। 2 / 20 2. नागरी प्रचारिणी सभा की स्थापना कहाँ की गई? धौलपुर अलवर भरतपुर करौली Solution नागरी प्रचारिणी सभा की स्थापना धौलपुर में की गई। 1934 में ज्वाला प्रसाद और जौहरीलाल ने धौलपुर में नागरी प्रचारिणी सभा की स्थापना की। 3 / 20 3. राजस्थानी साहित्य में निम्नलिखित में से किस युद्ध को ‘गोरे-कालों का युद्ध’ कहा जाता है? चेलावास का युद्ध गिरि-सुमेल का युद्ध चंदावर का युद्ध सारंगपुर का युद्ध Solution चेलावास का युद्ध 18 सितम्बर, 1857 को ठाकुर कुशालसिंह के नेतृत्व में क्रांतिकारियों एवं मैक मैसन व जॉर्ज पैट्रिक लॉरेंस के नेतृत्व में अंग्रेजी सेना के बीच हुआ था। इस युद्ध में मैक मैसन मारा गया था एवं उसका सिर काटकर क्रांतिकारियों ने आउवा के किले पर लटका दिया था। इस युद्ध में क्रांतिकारियों की विजय हुई थी। राजस्थानी साहित्य में चेलावास के युद्ध को ‘गोरे-कालों का युद्ध’ कहा जाता है। 4 / 20 4. ‘मेवाड़ की पुकार’ किस आंदोलन से संबंधित है? मीणा आंदोलन एकी आंदोलन बिजौलिया आंदोलन उपर्युक्त में से कोई नहीं Solution मोतीलाल तेजावत ने एकी आंदोलन के दौरान मेवाड़ महाराणा के समक्ष 21 सूत्रीय माँग पत्र प्रस्तुत किया, जिसे ‘मेवाड़ की पुकार’ के नाम से जाना जाता है। इस माँग-पत्र में अनुचित लाग-बाग व बेगार को समाप्त करने का निवेदन किया गया। इन 21 में से 18 माँगें मानी गई, शेष 3 माँगें (बेगार, वन सम्पदा पर अधिकार व सूअर) नहीं मानी गई। मीणा आंदोलन -वर्ष 1924 में क्रिमिनल ट्राईबल्स एक्ट (आपराधिक जाति अधिनियम) व जरायम पेशा कानून, 1930 कानून के विरोध में आंदोलन हुआ। 5 / 20 5. निम्नलिखित में से ‘मतीरे री राड़’ नामक युद्ध कब हुआ था? 1644 ई. 1526 ई. 1546 ई. 1761 ई. Solution ● ‘मतीरे री राड़’ नामक युद्ध 1644 ई. में अमरसिंह राठौड़ व कर्णसिंह के मध्य हुआ था। इसमें अमरसिंह विजयी रहा। ● यह युद्ध जाखणियाँ गाँव (नागौर) के संबंध में कलह होने के कारण हुआ। 6 / 20 6. निम्नलिखित में से किस प्रतिहार राजा ने ‘आदिवराह’ की उपाधि ग्रहण की? मिहिरभोज नागभट्ट वत्सराज महिपाल Solution ● ग्वालियर लेख में मिहिरभोज-प्रथम (836-885 ई.) की उपाधि ‘आदिवराह’ व दौलतपुर लेख में ‘प्रभास’ मिलती है। 7 / 20 7. अजयराज चौहान ने किस वर्ष अजयमेरु की स्थापना की? 1111 ई. में 1112 ई. में 1113 ई. में 1114 ई. में Solution ●मालवा के परमारों (नरवर्मन) को दबाए रखने तथा अन्य शत्रुओं से अपने साम्राज्य को सुरक्षित रखने के लिए अजयराज ने 1113 ई. में अयजमेरु (अजमेर) बसाकर उसे अपनी राजधानी बनाया। ●उसने अजमेर में एक दुर्ग का निर्माण करवाया, जिसे गढ़ बीठली कहते हैं। यह तारागढ़ के नाम से प्रसिद्ध हुआ। 8 / 20 8. सर्वप्रथम आमेर को अपनी राजधानी किस शासक ने बनाया था? पृथ्वीराज दूल्हेराय जयसिंह-प्रथम कोकिल देव Solution ● कच्छवाहों की प्रारंभिक राजधानी दौसा थी। ● 1207 ई. में कोकिल देव ने मीणाओं को पराजित कर आमेर पर अधिकार किया एवं आमेर को अपनी राजधानी बनाया। 9 / 20 9. नागदा (उदयपुर) में सास-बहु मंदिर का निर्माण किसने करवाया था? श्रीधर राणा कुंभा राणा लाखा राणा हम्मीर Solution ● उदयपुर से 27 किमी. दूर नागदा में 1026 ई. में गुहिल शासक श्रीधर द्वारा कुछ मंदिरों का निर्माण कराया गया। इनमें से दो जुड़वा वैष्णव मंदिर ‘सास-बहू’ मंदिर के नाम से प्रसिद्ध हैं। ये दोनों ही मंदिर आकार में छोटे-बड़े होने के बावजूद भी अलंकरण की दृष्टि से समान ही है। ये मंदिर विष्णु (सहस्त्रबाहू) को समर्पित है 10 / 20 10. निम्नलिखित सूची-I व सूची-II को सही सुमेलित कीजिए– एकीकरण का चरण दिनांक A. प्रथम 1. 18 अप्रैल, 1948 B. तृतीय 2. 1 नवम्बर, 1956 C. पंचम 3. 18 मार्च, 1948 D. सप्तम 4. 15 मई, 1949 कूट: A-3 B-1 C-4 D-2 A-1 B-3 C-2 D-4 A-4 B-3 C-2 D-1 A-2 B-4 C-1 D-3 Solution प्रथम चरण – मत्स्य संघ : 18 मार्च, 1948 द्वितीय चरण – पूर्व राजस्थान : 25 मार्च, 1948 तृतीय चरण – संयुक्त राजस्थान : 18 अप्रैल, 1948 चतुर्थ चरण – वृहत् राजस्थान : 30 मार्च, 1949 पंचम चरण – संयुक्त वृहत्त राजस्थान : 15 मई, 1949 षष्ठम चरण – राजस्थान संघ : 26 जनवरी, 1950 सप्तम चरण – राजस्थान : 1 नवम्बर, 1956 11 / 20 11. निम्नलिखित सूची-I व सूची-II को सही सुमेलित कीजिए– सूची – I प्रजामण्डल सूची – II स्थापना वर्ष A. बाँसवाड़ा 1. 1943 B. प्रतापगढ़ 2. 1945 C. झालावाड़ 3. 1946 D. धौलपुर 4. 1936 कूट: A-1 B-2 C-4 D-3 A-3 B-4 C-1 D-2 A-1 B-2 C-3 D-4 A-4 B-3 C-2 D-1 Solution वर्ष 1936 में कृष्णदत्त पालीवाल की अध्यक्षता में धौलपुर प्रजामण्डल की स्थापना हुई। मूलचंद, ज्वालाप्रसाद व जौहरीमल इन्दू इसके संस्थापक सदस्य थे। भूपेन्द्रनाथ त्रिवेदी ने धूलजी, मोतीलाल, चिमनलाल, सिद्धिशंकर आदि के साथ मिलकर दिसम्बर, 1943 में बाँसवाड़ा प्रजामण्डल की स्थापना की। वर्ष 1945 में अमृतलाल पायक एवं चुन्नीलाल ने प्रतापगढ़ प्रजामण्डल की स्थापना की गई। नवम्बर, 1946 में माँगीलाल भव्य की अध्यक्षता में झालावाड़ प्रजामण्डल की स्थापना की गई। 12 / 20 12. ‘जोधपुर लीजियन’ नामक सेना का गठन कब किया गया था? 1835 1838 1832 1834 Solution सेना द्वारा भीलों का दमन करने की दिशा में पहला कदम वर्ष 1835 में जोधपुर लीजियन नामक सेना का गठन था| जिसका मुख्यालय अजमेर रखते हुए, लीजियन को एक अंग्रेज अधिकारी के कमाण्ड में रखा गया। मार्च, 1842 में जोधपुर लीजियन का मुख्यालय सिरोही राज्य में ही बड़गाँव से एरिनपुरा स्थानान्तरित कर दिया गया था। 13 / 20 13. माधोसिंह व गोविन्दसिंह का संबंध किस किसान आंदोलन से था? बिजौलिया किसान आंदोलन झुंझुनूँ किसान आंदोलन अलवर किसान आंदोलन बेगूं किसान आंदोलन Solution अलवर में अक्टू्बर, 1924 में माधोसिंह व गोविन्दसिंह के नेतृत्व में आंदोलन छेड़ा गया। भू-राजस्व घटाने, जंगली सूअरों को मारने की अनुमति देने आदि माँगें की गई। 14 / 20 14. पृथ्वीराज-III ने महोबा के युद्ध में किसे पराजित किया था? परमर्दिदेव चंदेल नागार्जुन भंडानक मोहम्मद गौरी Solution ● महोबा/तुमुल का युद्ध 1182 ई. में महोबा (मध्य प्रदेश) नामक स्थान पर पृथ्वीराज चौहान तृतीय एवं परमर्दिदेव चंदेल के मध्य हुआ था। ● इस युद्ध में पृथ्वीराज-III की विजय हुई एवं परमर्दिदेव के दो सेनापति आल्हा और ऊदल वीरगति को प्राप्त हुए। 15 / 20 15. विश्वेश्वरनाथ रेऊ ने किस शासक की तुलना महाराणा प्रताप से की? राव मालदेव राव जोधा मोटा राजा उदयसिंह राव चन्द्रसेन Solution ● राव चन्द्रसेन निरन्तर मुगलों से संघर्ष करता रहा और 1581 ई. में अपनी मृत्यु तक इसे जारी रखा। ● विश्वेश्वरनाथ रेऊ ने राव चन्द्रसेन की तुलना महाराणा प्रताप से की है, जिन्हें उन्हीं के समान मुगल शक्ति का सामना करना पड़ा और पहाड़ों से भटकने के बाद भी मुगल अधीनता स्वीकार नहीं की। ● इसी कारण राव चन्द्रसेन को ‘मारवाड़ का प्रताप’ भी कहा जाता है। 16 / 20 16. नयनूराम शर्मा किस किसान आंदोलन से संबंधित थे? बिजौलिया किसान आंदोलन बेगूं किसान आंदोलन बूँदी किसान आंदोलन मारवाड़ किसान आंदोलन Solution – वर्ष 1921-22 में हरिभाई किंकर, रामनारायण चौधरी एवं नयनूराम शर्मा ने बूँदी के बरड़ क्षेत्र के किसानों को संगठित करने एवं उनमें जागृति उत्पन्न करने का कार्य किया। – परिणामत: बरड़ क्षेत्र के किसानों ने अप्रैल, 1922 में बूँदी प्रशासन के विरुद्ध आन्दोलन प्रारम्भ कर दिया। – किसानों ने भू-राजस्व के अतिरिक्त और कोई कर न देने, बेगार का विरोध करने आदि का संकल्प लिया। 17 / 20 17. जयपुर राज्य ने ‘जरायम पेशा कानून’ के तहत किस जनजाति को अपराधी जाति घोषित कर दिया? भील मीणा गरासिया सहरिया Solution मीणाओं की लूटमार एवं उपद्रवों से परेशान होकर भारत सरकार ने 1924 में ‘क्रिमिनल ट्राइब्स एक्ट’ पारित किया। जयपुर राज्य ने एक ‘जरायम पेशा कानून’ बनाकर मीणाओं को अपराधी जाति घोषित कर दिया। इस कानून के अनुसार 25 वर्ष से अधिक आयु के प्रत्येक स्त्री-पुरुष को प्रतिदिन पुलिस थानों में उपस्थिति देनी पड़ती थी। 18 / 20 18. मेवाड़ प्रजामण्डल के प्रथम अध्यक्ष थे– रमेश अम्बेडकर भूरेलाल बयां बलवंतसिंह मेहता माणिक्यलाल वर्मा Solution 24 अप्रैल, 1938 को मेवाड़ प्रजामंडल की स्थापना की गई। मेवाड़ प्रजामण्डल के अध्यक्ष बलवंतसिंह मेहता, उपाध्यक्ष भूरेलाल बयां एवं महामंत्री माणिक्यलाल वर्मा को बनाया गया। प्रजामंडल को 11 मई, 1938 को गैर कानूनी घोषित कर वर्मा जी को निष्कासित कर दिया गया। 19 / 20 19. कालीबंगा है- पाषाण युगीन सभ्यता काँस्य युगीन सभ्यता ताम्र युगीन सभ्यता लौह युगीन सभ्यता Solution ● कालीबंगा काँस्ययुगीन सभ्यता मानी जाती है। ● कालीबंगा सभ्यता प्राचीन सरस्वती (घग्घर) नदी के किनारे राजस्थान के हनुमानगढ़ जिले में स्थित है। ● सैंधव सभ्यता की तृतीय राजधानी कालीबंगा है। 20 / 20 20. लॉर्ड विलियम बैंटिक द्वारा सर्वप्रथम ए.जी.जी. का कार्यालय कहाँ स्थापित किया गया? जयपुर जोधपुर उदयपुर अजमेर Solution 1832 ई. में ए.जी.जी. का मुख्यालय अजमेर में स्थापित किया गया। 1845 ई. में ए.जी.जी. का मुख्यालय ग्रीष्मकाल में माउण्ट आबू (सिरोही) में स्थापित किया गया। 1857 की क्रांति के समय अंग्रेजों का शस्त्रागार अजमेर में था, वहीं ए.जी.जी. का मुख्यालय माउण्ट आबू (सिरोही) में था। Your score is 0% पुनः प्रारम्भ करे आपको यह क्विज कैसी लगी ….रेटिंग दे | धन्यवाद 😍 👇👇 Send feedback फ्री टेस्ट , नोट्स और अपडेट के लिए Join करे 👇👇 Join WhatsApp Join Now Join Telegram Join Now