REET बाल विकास || बाल विकास एवं शिक्षण विधियाँ || REET 2025 | मनोविज्ञान | महत्वपूर्ण प्रश्न by RPSC | December 25, 2024 Facebook फ्री टेस्ट , नोट्स और अपडेट के लिए Join करे 👇👇 Join WhatsApp Join Now Join Telegram Join Now Report a question What’s wrong with this question? You cannot submit an empty report. Please add some details. /20 234 1234567891011121314151617181920 बाल विकास || बाल विकास एवं शिक्षण विधियाँ || REET 2025 | मनोविज्ञान | महत्वपूर्ण प्रश्न 🔴महत्वपूर्ण निर्देश 🔴 ✅ टेस्ट शुरू करने से पहले कृपया सही जानकारी भरे | ✅ सभी प्रश्नों को आराम से पढ़कर उत्तर दे | ✅सभी प्रश्नों का उत्तर टेस्ट पूर्ण करने पर दिखाई देगा | ✅ टेस्ट पूर्ण करने पर सभी प्रश्नों के उत्तर विस्तार से समझाया गया है | Name 1 / 20 1. आलपोर्ट के अनुसार, व्यक्तित्व गत्यात्मक संगठन है- सामाजिक तंत्र का मनोवैज्ञानिक तंत्र का दैहिक तंत्र का मनोदैहिक तंत्र का Solution • आलपोर्ट के अनुसार – “व्यक्तित्व व्यक्ति के भीतर उन मनोदैहिक (Psychophysical) तंत्रों का गतिशील या गत्यात्मक संगठन है जो वातावरण में उसके अपूर्व समायोजन को निर्धारण करते हैं।” 2 / 20 2. ‘परम अहम्’(Super Ego) निर्देशित होता है – सुख के सिद्धान्त द्वारा वास्तविकता सिद्धान्त द्वारा आदर्शवादी सिद्धान्त द्वारा आदर्शवादी सिद्धान्त द्वारा Solution • ‘परम अहम्’ (Super Ego) – यह व्यक्तित्व के आदर्श और नैतिक स्वरूप का प्रतिनिधित्व करता है। इसके द्वारा वास्तविकता की परवाह न कर आदर्शों पर जोर दिया जाता है। सुख और आनंद की प्राप्ति के स्थान पर नैतिक और आदर्श मूल्यों की प्राप्ति ही इसका उद्देश्य है। 3 / 20 3. सूची-I में दिए गए मनोवैज्ञानिकों के नाम को सूची-II में दिए गए सिद्धान्तों से सुमेलित कीजिए – सूची-I (मनोवैज्ञानिक) सूची-II (सिद्धान्त) A जीन पियाजे i पारिस्थितिकी तंत्र का सिद्धान्त B यूरी ब्रोनफेन ब्रेन्नर ii मनोविश्लेषण का सिद्धान्त C सिगमण्ड फ्रायड iii सामाजिक -सांस्कृतिक – संज्ञानात्मक सिद्धान्त D लेव वाइगोत्सकी iv संज्ञानात्मक विकास सिद्धान्त कूट : A-(iv), B-(i), C-(ii), D-(iii) A-(iv), B-(ii), C-(i), D-(iii) A-(i), B-(ii), C-(iii), D-(iv) A-(ii), B-(iii), C-(iv), D-(i) Solution (मनोवैज्ञानिक) (सिद्धान्त) जीन पियाजे संज्ञानात्मक विकास सिद्धान्त यूरी ब्रोनफेन ब्रेन्नर पारिस्थितिकी तंत्र का सिद्धान्त सिगमण्ड फ्रायड मनोविश्लेषण का सिद्धान्त लेव वाइगोत्सकी सामाजिक -सांस्कृतिक – संज्ञानात्मक सिद्धान्त 4 / 20 4. ब्रिजेज के अनुसार उत्तेजना भाग है – शारीरिक विकास का मानसिक विकास का सामाजिक विकास का संवेगात्मक विकास का Solution • ब्रिजेज के अनुसार संवेगात्मक विकास – ब्रिजेज जो एक महिला मनोवैज्ञानिक थी। संवेगों का अध्ययन कर बताया कि बालकों में भिन्न-भिन्न आयु में भिन्न-भिन्न प्रकार के संवेग विकसित होते हैं। • ब्रिजेज के अनुसार उत्तेजना संवेगात्मक विकास का भाग हैं। • ब्रिजेज के अनुसार 24 माह (2 वर्ष) की आयु तक शिशुओं के सभी प्रमुख संवेग; जैसे -भय, क्रोध, घृणा आदि का विकास हो जाता है। 5 / 20 5. व्यक्तित्व (Personality) शब्द की उत्पत्ति लैटिन भाषा के किस शब्द से हुई? Persona Person Personal Personality Solution • व्यक्तित्व :- अंग्रेजी भाषा के ‘Personality’ शब्द का हिन्दी अर्थ है – ‘व्यक्तित्व’। यह शब्द लैटिन भाषा के ‘परसोना’ (PERSONA) से लिया गया है, जिसका अर्थ – नकली चेहरा, मुखौटा, नकाब होता है। 6 / 20 6. निम्न में से कौन-सा सूक्ष्म गामक कौशल है ? तेज दौड़ना ब्लॉक बनाना उछलना कूदना Solution • स्थूल गामक कौशल – वह कौशल जिसमें शरीर की व्यापक मांसपेशियाँ सक्रिय रूप से क्रियाकलाप करती हैं। जैसे– उछलना, कूदना, तेज दौड़ना आदि। • सूक्ष्म गामक कौशल – वह कौशल जिसमें शरीर की कुछ मांसपेशियाँ सक्रिय होती हैं या अँगुलियों की सहायता से होता है। जैसे – तर्जनी, अँगूठे की सहायता से वस्तुएँ बनाना, ब्लॉक बनाना चित्रात्मक पहेली को भली-भाँति जोड़ना। 7 / 20 7. कौन-सा क्रेश्मर के शरीर प्रकार का व्यक्तित्व वर्गीकरण नहीं है? पिकनिक एथलेटिक कोलरिक एस्थेनिक Solution • क्रेश्मर का वर्गीकरण :- वर्ष 1926 में शारीरिक संरचना के आधार पर क्रेश्मर ने व्यक्तित्व के चार प्रकार बताए – 1. कृशकाय (ASTHENIC) 2. पुष्टकाय (ATHLETIC) 3. स्थूलकाय (PICNIC) 4. मिश्रितकाय (DYSPLASTIC) 8 / 20 8. निम्नलिखित में से वृद्धि और विकास के कौन-से आयाम एक-दूसरे से जुडे़ हैं? 1. शारीरिक 2. बौद्धिक 3. सामाजिक 4. संवेगात्मक 5. नैतिक कूट :- 4 और 5 1, 3 और 4 1, 2 और 3 1, 2, 3, 4 और 5 Solution • वृद्धि और विकास के विभिन्न आयाम – • शारीरिक विकास • ज्ञानात्मक विकास/बौद्धिक विकास • संवेगात्मक विकास • नैतिक विकास • सामाजिक विकास • भाषात्मक विकास 9 / 20 9. “बच्चा ठोस वस्तुओं या परिस्थितियों के माध्यम से स्वक्रिया द्वारा कई धारणाएँ एवं संप्रत्यय गढ़ लेता है।” पियाजे की संज्ञानात्मक विकास (Cognitive Development) की अवस्था है- पूर्व संक्रियात्मक अवस्था (Pre-Operational Stage) मूर्त-संक्रियात्मक अवस्था (Concrete Operational Stage) संवेदी गामक अवस्था (Sensory Motor Stage) औपचारिक संक्रियात्मक अवस्था (Formal-Operational -Stage) Solution • मूर्त संक्रियात्मक अवस्था (Concrete Operational Stage) की प्रमुख विशेषता यह है कि बच्चा ठोस वस्तुओं या परिस्थितियों के माध्यम से स्वक्रिया द्वारा कई धारणाएँ या सम्प्रत्यय गढ़ लेता है। इस प्रकार वह अपने आस-पड़ोस तथा पर्यावरण की चीजों, व्यक्तियों, भार, आयतन तथा वर्ग आदि के संबंध में अपने खेल या अन्य क्रियाओं के माध्यम से संप्रत्यय विकसित कर लेता है। यह अवस्था लगभग 7 वर्ष की आयु से 12 वर्ष की आयु तक चलती है। 10 / 20 10. “विकास के परिणामस्वरूप नवीन विशेषताएँ और नवीन योग्यताएँ प्रकट होती है।” यह कथन किसने दिया है? गैसेल मेरीडिथ जेम्स ड्रेवर हरलॉक Solution • हरलॉक – “विकास के परिणामस्वरूप व्यक्ति में नई – नई विशेषताएँ और नई–नई योग्यताएँ प्रकट होती है।” • जेम्स ड्रेवर – “बालमनोविज्ञान, मनोविज्ञान की वह शाखा है जिसमें जन्म से परिपक्वावस्था तक विकसित हो रहे मानव का अध्ययन किया जाता है।” 11 / 20 11. कोहलबर्ग के सिद्धांत की किस अवस्था में बालक प्रशंसा प्राप्ति के लिए नैतिक आचरण प्रकट करता हैं? अच्छा लड़का-अच्छी लड़की अवस्था दण्ड व आज्ञापालन की अवस्था यांत्रिक सापेक्षता उन्मुखता अवस्था विवेक की अवस्था Solution • अच्छा लड़का-अच्छी लड़की अवस्था – यह कोहलबर्ग के नैतिक विकास सिद्धांत की परंपरागत स्तर की पहली अवस्था है। इस अवस्था में बालक नैतिक व्यवहार प्रशंसा प्राप्ति के लिए करता है। बालक उसी काम को करना पसंद करता है जिसको करने से प्रशंसा प्राप्त होती है। 12 / 20 12. टी. ए. टी (T. A. T.) परीक्षण में चित्रित कार्ड की संख्या होती है- 10 20 30 40 Solution • प्रासंगिक/विषय अन्तर्बोध परीक्षण (T. A. T.) :- • प्रतिपादक – मॉर्गन व मुर्रे (1935) • T. A. T. परीक्षण में चित्रित कार्ड की कुल संख्या 30 होती है। 13 / 20 13. भाषा विकास की जन्मजात प्रतिज्ञप्ति (Innate Commitment) का प्रतिपादन किया- जीन पियाजे ने वाइगोत्सकी ने बेंजामिन ली व्होर्फ ने नॉम चॉमस्की ने Solution • भाषाविद् नॉम चॉमस्की ने भाषा विकास की जन्मजात प्रतिज्ञप्ति का प्रतिपादन किया है। चॉमस्की का मानना है कि भाषा विकास शारीरिक परिपक्वता की तरह है जो उपयुक्त देख-भाल करने पर बच्चों में स्वतः होता है। बच्चे सर्वभाषा व्याकरण के साथ जन्म लेते हैं। वे जिस किसी भाषा को सुनते हैं। उसके व्याकरण को सरलता से सीख लेते है। 14 / 20 14. किस मंडल का संबंध ब्रोनफेन ब्रेन्नर के विकास परिस्थितिपरक मॉडल से है? 1. लघु मंडल (Micro System) 2. मध्य मंडल (Meso System) 3. बाह्य मंडल (Exo System) 4. वृहत् मंडल (Macro System) 5. घटना मंडल (Chrono System) कूट – 1 व 2 2, 3 व 4 1, 3, 4 व 5 1, 2, 3, 4 व 5 Solution • ब्रोनफेन ब्रेन्नर विकास परिस्थितिपरक मॉडल के मंडल– 1. लघु मंडल (Micro System) 2. मध्य मंडल (Meso System) 3. बाह्य मंडल (Exo System) 4. वृहत् मंडल (Macro System) 5. घटना मंडल (Chrono System) 15 / 20 15. मानव विकास के सम्बन्ध में कौन-सा कथन गलत है? विकास रेखीय होता है। विकास पूर्वानुमेय होता है। विकास निरन्तर होने वाली प्रक्रिया है। विकास सामान्य से विशिष्ट की ओर चलता है। Solution • मानव विकास की विशेषताएँ :- • विकास चक्राकार/वर्तुलाकार होता है, रेखीय नहीं होता है। • विकास पूर्वानुमेय होता है। • विकास निरन्तर होने वाली प्रक्रिया है। • विकास सामान्य से विशिष्ट क्रियाओं की ओर चलता है। • विकास की निश्चित दिशा होती है। • विकास व्यापक अवधारणा है। • विकास मात्रात्मक व गुणात्मक दोनों होता है। 16 / 20 16. अन्तर्मुखी व्यक्तित्व की विशेषताएँ हैं – दूसरों के साथ हँसी-मजाक करने वाले समूह का नेतृत्व करने वाले दूसरों को अपने अनुकूल बनाने की क्षमता वाले संदेही, शंकालु तथा एकान्तप्रिय रहने वाले Solution • अन्तर्मुखी व्यक्तित्व (Introvert Personality)– इस व्यक्तित्व के लक्षण, स्वभाव, आदतें, अभिवृत्तियाँ बाह्य रूप से प्रकट नहीं होते हैं। अन्तर्मुखी मनुष्य अपने आप में अधिक रुचि रखते हैं। • प्रमुख लक्षण– आत्मकेन्द्रिता, सरल स्वभाव, संकोची, लज्जाशील, मितभाषी, सामाजिकता का अभाव, दोस्तों का अभाव, मनोविनोद का अभाव, आदर्शवादी, उत्तम लेखन, निराशावादी, मानसिक शक्तियों का विशेष विकास, कमजोर समायोजन, निर्णय क्षमता कमजोर, नेतृत्व का अभाव, एकांतवासी, तत्काल परिणाम चाहते हैं। जैसे- लेखक, दार्शनिक, वैज्ञानिक, विचारक। 17 / 20 17. ऑलपोर्ट के शीलगुण सिद्धान्त (Trait Theory) के अनुसार व्यक्तिगत प्रवृत्ति के प्रकार है – कार्डिनल प्रवृत्ति (Cardinal Disposition) केन्द्रीय प्रवृत्ति (Central Disposition) गौण प्रवृत्ति (Secondary Disposition) उपर्युक्त सभी Solution • ऑलपोर्ट ने व्यक्तिगत प्रवृत्ति को तीन भागों में बाँटा हैं – 1. कार्डिनल प्रवृत्ति (Cardinal Disposition) 2. केन्द्रीय प्रवृत्ति (Central Disposition) 3. गौण प्रवृत्ति (Secondary Disposition) 18 / 20 18. निम्नलिखित में से कौन-सा स्प्रेन्गर (Spranger’s) के द्वारा दिया गया व्यक्तित्व का वर्गीकरण नहीं है? कलात्मक (Artistic) सैद्धान्तिक (Theoretical) सामाजिक (Social) एस्थेनिक (Asthenic) Solution • स्प्रेन्गर (Spranger’s) ने व्यक्तित्व को छह भागों में वर्गीकृत किया हैं – 1. सैद्धान्तिक (Theoretical) 2. आर्थिक (Economic) 3. धार्मिक (Religious) 4. राजनीतिक (Polotical) 5. सामाजिक (Social) 6. कलात्मक (Artistic) जबकि एस्थेनिक प्रकार के वर्गीकरण का वर्णन क्रेश्मर ने दिया। 19 / 20 19. निम्नलिखित में से कौन-सी व्यक्तित्व आंकलन की आत्मनिष्ठ विधि नहीं है? आत्मकथा (Autobiography) साक्षात्कार (Interview) समाजमिति विधि (Sociometry) केस इतिहास अध्ययन (Case History) Solution 20 / 20 20. बालक अपने व्यवहार की सामाजिक स्वीकृति (Social acceptance) जिस अवस्था में चाहता है, वह अवस्था है – किशोरावस्था बाल्यावस्था शैशवावस्था प्रौढ़ावस्था Solution • किशोरावस्था :- किशोरावस्था सामाजिक संबंधों के अधिक विकसित होने और मेलजोल बढ़ाने का समय है। छोटी आयु में बच्चा समाज के नियमों, हितों और संबंधों की कोई परवाह नहीं करता। उसमें अहम् और व्यक्तिगत स्वार्थ अधिक होता है। किशोरावस्था में वही बच्चा अपने सामाजिक विकास के फलस्वरूप सामाजिक उत्तरदायित्वों को समझने लग जाता है तथा नियमों के अनुकूल ढालने का प्रयास करता है। बालक अपने व्यवहार की सामाजिक स्वीकृति किशोरावस्था में चाहता है। Your score is 0% पुनः प्रारम्भ करे आपको यह क्विज कैसी लगी ….रेटिंग दे | धन्यवाद 😍 👇👇 Send feedback फ्री टेस्ट , नोट्स और अपडेट के लिए Join करे 👇👇 Join WhatsApp Join Now Join Telegram Join Now