REET LEVEL 2 SST मध्यकाल एवं आधुनिक काल | REET 2025 | सामाजिक अध्ययन ( इतिहास ) | महत्वपूर्ण प्रश्न by RPSC | December 26, 2024 Facebook फ्री टेस्ट , नोट्स और अपडेट के लिए Join करे 👇👇 Join WhatsApp Join Now Join Telegram Join Now Report a question What’s wrong with this question? You cannot submit an empty report. Please add some details. /20 56 1234567891011121314151617181920 मध्यकाल एवं आधुनिक काल | REET 2025 | सामाजिक अध्ययन ( इतिहास ) | महत्वपूर्ण प्रश्न 🔴महत्वपूर्ण निर्देश 🔴 ✅ टेस्ट शुरू करने से पहले कृपया सही जानकारी भरे | ✅ सभी प्रश्नों को आराम से पढ़कर उत्तर दे | ✅सभी प्रश्नों का उत्तर टेस्ट पूर्ण करने पर दिखाई देगा | ✅ टेस्ट पूर्ण करने पर सभी प्रश्नों के उत्तर विस्तार से समझाया गया है | Name 1 / 20 1. 1857 की क्रांति को पूर्व योजनानुसार किस दिन को विद्रोह हेतु तय किया गया था? 10 मई, 1857 4 जून, 1857 8 अप्रैल, 1857 31 मई, 1857 Solution ● क्रांति की पूर्व योजनानुसार 31 मई के दिन एक साथ विद्रोह हेतु तय किया गया था। लेकिन क्रान्ति 10 मई, 1857 को मेरठ में विद्रोह के साथ आरंभ हो गई थी। ● मेलिसन के अनुसार यदि पूर्व योजनानुसार क्रान्ति 31 मई, 1857 को एक साथ सभी स्थानों पर आरंभ होती तो अंग्रेजों द्वारा भारत को पुन: विजय करना किसी भी प्रकार संभव न होता। 2 / 20 2. कांग्रेस के लखनऊ अधिवेशन की अध्यक्षता किसने की थी? सुभाष चन्द्र बोस जवाहर लाल नेहरू अम्बिका चरण मजूमदार उपर्युक्त में से कोई नहीं Solution – कांग्रेस का लखनऊ अधिवेशन वर्ष 1916 में हुआ था। जिसकी अध्यक्षता अम्बिकाचरण मजूमदार द्वारा की गयी। – इस अधिवेशन में कांग्रेस के गरम व नरम दल का एकीकरण हुआ। – इस अधिवेशन में कांग्रेस और मुस्लिम लीग के बीच ऐतिहासिक लखनऊ समझौता हुआ। 3 / 20 3. भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की स्थापना कब हुई? 1881 ई. 1885 ई. 1882 ई. 1883 ई. Solution – भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की स्थापना एक रिटायर्ड अंग्रेज आई.सी.एस अधिकारी ‘एलन अक्टोवियन ह्यूम’ ने 1885 ई. में की थी। 4 / 20 4. गाँधीजी द्वारा दांडी यात्रा प्रारम्भ की गई थी- 15 अगस्त, 1930 को 12 मार्च, 1930 को 26 जनवरी, 1930 को 12 अप्रैल, 1930 को Solution – महात्मा गाँधी ने 12 मार्च, 1930 को अपना प्रसिद्ध ‘दांडी मार्च’ शुरू किया। – उन्होंने साबरमती आश्रम से 78 चुने हुए साथियों के साथ सत्याग्रह के लिए कूच किया तथा 24 दिनों की लंबी यात्रा के बाद 6 अप्रैल, 1930 को दांडी में सांकेतिक रूप से नमक कानून भंग किया और इस प्रकार नमक कानून तोड़कर उन्होंने औपचारिक रूप से सविनय अवज्ञा आंदोलन का शुभांरभ किया । 5 / 20 5. मुगलकाल में ‘आइन-ए-दहसाला’ प्रणाली किसने आरंभ की? जहाँगीर शाहजहाँ हुमायूँ अकबर Solution -अकबर द्वारा ‘आइन-ए-दहसाला’ प्रणाली 1580 में लागू की गई थी। -दहसाला प्रणाली के अन्तर्गत पिछले दस वर्षो के भूमि के करो की दर मालूम की गई और उनकी औसत दर मालूम करके इस औसत दर को ही भविष्य में भूमि कर के रूप में लागू कर दिया गया था। 6 / 20 6. गाँधी-इरविन समझौता कब हुआ था? वर्ष 1930 में वर्ष 1931 में वर्ष 1933 में वर्ष 1939 में Solution – गाँधी-इरविन समझौता 5 मार्च, 1931 को संपन्न हुआ था। – इस समझौते के अनुसार गाँधीजी के नेतृत्व में कांग्रेस सविनय अवज्ञा आंदोलन स्थगित करने के लिए तैयार हो गई। 7 / 20 7. नेशनल कॉन्फ्रेंस की स्थापना किसने की? गोपाल हरि देशमुख सुरेन्द्र नाथ बनर्जी केशव चन्द्र सेन फिरोज शाह मेहता फिरोज शाह मेहता Solution – इसकी स्थापना 1883 ई. में सुरेन्द्र नाथ बनर्जी ने की। इंडियन एसोसिएशन ने इल्बर्ट बिल के विवाद के परिणामस्वरूप कलकत्ता में ‘नेशनल कॉन्फ्रेंस’ नामक एक अखिल भारतीय संगठन की स्थापना की। 8 / 20 8. निम्नलिखित में से अद्वैतवाद दर्शन का प्रतिपादन किसने किया? शंकराचार्य रामानुज माध्वाचार्य निम्बार्काचार्य Solution ●अद्वैतवाद दर्शन का प्रतिपादन शंकराचार्य द्वारा किया गया। -शंकराचार्य का जन्म कलाडा कलादी (केरल) में हुआ। -शंकराचार्य ने स्मृति संप्रदाय की स्थापना की। -शंकराचार्य द्वारा चार पीठ ज्योतिष पीठ (बद्रीनाथ) शारदापीठ (द्वारिका गुजरात), गोवर्धनपीठ (पुरीओडिशा) तथा शृंगेरी पीठ (मैसूर कर्नाटक) की स्थापना की। 9 / 20 9. ‘यंग-इंडिया’ पुस्तक के लेखक थे- सुरेन्द्र नाथ बनर्जी विपिन चंद्र पाल लाला लाजपत राय अरविंद घोष Solution – यंग-इंडिया पुस्तक के लेखक लाला लाजपत राय थे। – इसी किताब में उन्होंने कांग्रेस की स्थापना संबंधी ‘सेफ्टीवाल्व’ का सिद्धांत प्रस्तुत करते हुए कहा था कि ‘भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की स्थापना का मुख्य कारण यह था कि इसमें संस्थापकों की उत्कण्ठा ब्रिटिश साम्राज्य को छिन्न-भिन्न होने से बचाने को थी’। 10 / 20 10. मुगलकाल में मनसबदारी व्यवस्था को प्रारंभ करने का श्रेय किसे दिया जाता है? बाबर हुमायूँ अकबर जहाँगीर Solution -मनसबदारी प्रथा अकबर के द्वारा 1575 ई. में लागू की गई। -अकबर के द्वारा गठित की गई सैन्य व्यवस्था को ही मनसबदारी प्रथा के नाम से जाना जाता है। -कुछ इतिहासकारों का मानना है कि मनसबदारी प्रथा मंगोल सैन्य व्यवस्था पर आधारित थी। -मनसब से अभिप्राय किसी पद से नहीं होता था अपितु मनसब का अर्थ श्रेणी (रैंक) होता था। 11 / 20 11. सन् 1793 में बंगाल में इस्तमरारी बंदोबस्त लागू किया गया, उस समय बंगाल का गवर्नर जनरल था– लॉर्ड वेलेजली वॉरेन हेस्टिग्स चार्ल्स कॉनवॉलिस जॉन शोर Solution ● सन् 1793 में बंगाल में इस्तमरारी बंदोबस्त चार्ल्स कॉर्नवालिस द्वारा लागू किया गया तथा इस समय यह बंगाल का गवर्नर जनरल था। 12 / 20 12. ‘सत्यशोधक समाज’ की स्थापना निम्नलिखित में से किसने की? राजा राममोहन राय भीमराव अम्बेडकर ज्योतिबा फुले महात्मा गाँधी Solution – सत्यशोधक समाज की स्थापना वर्ष 1873 में ज्योतिबा फुले ने की थी। – ज्योतिबा फुले का जन्म 1827 में माली के घर हुआ था। – ज्योतिबा फुले ने पुस्तक ‘गुलाम गीरी’ की रचना की। 13 / 20 13. किस समाज सुधारक ने विधवा पुनर्विवाह के प्रति प्रमुख योगदान दिया? ईश्वर चंद्र विद्यासागर स्वामी विवेकानंद राजा राममोहन राय स्वामी दयानंद Solution – कलकत्ता में संस्कृत कॉलेज के आचार्य ईश्वर चंद्र विद्यासागर ने विधवा पुनर्विवाह के लिए बहुत संघर्ष किया। – वेदों में विधवा विवाह को मान्यता दी गयी यह प्रमाणित करने का इन्होंने प्रयास किया। – इनके प्रयासों के परिणाम स्वरूप ही 26 जुलाई, 1856 को ‘हिन्दू विधवा पुनर्विवाह अधिनियम’ पारित हुआ। 14 / 20 14. रवीन्द्रनाथ टैगोर ने अपनी ‘नाइटहुड’ की उपाधि किस कारण से त्याग दी थी? जलियाँवाला बाग की दुःखद घटना नागरिक अवज्ञा आंदोलन के क्रूर दमन चौरी-चौरा की घटना भगत सिंह को फाँसी दिया जाना Solution – 13 अप्रैल, 1919 को एक निहत्थी भीड़ अपने लोकप्रिय नेताओं सैफुद्दीन किचलू एवं डॉ. सत्यपाल की गिरफ्तारी का विरोध करने हेतु जलियाँवाला बाग में एकत्र हुई। – जनरल डायर ने बाग को घेरकर अपने फौजियों को निहत्थी भीड़ पर गोली चलाने का आदेश दिया। – मानवतावादी रचनाकार रवीन्द्रनाथ टैगोर ने विरोध स्वरूप अपनी नाइट हुड की उपाधि त्याग दी। 15 / 20 15. निम्नलिखित कथनों पर विचार करें- 1. 1857 का विद्रोह अवध से शुरू हुआ था। 2. 1857 के विद्रोह के सिपाही मंगलपांडे को फाँसी 8 अप्रैल, 1857 को दी गई। उपर्युक्त कथनों में से सत्य कथन है/हैं- केवल 1 केवल 2 1 व 2 दोनों न ही 1 और न ही 2 Solution ● 1857 का विद्रोह मेरठ से शुरू हुआ था। ● 10 मई, 1857 को मेरठ के सिपाहियों ने मेरठ की जेल पर धावा बोलकर बंद सिपाहियों को आजाद करवा दिया। ● 1857 के विद्रोह के सिपाही मंगलपांडे को बैरकपुर में अपने अफसरों पर हमला करने के आरोप में फाँसी पर लटका दिया गया। 16 / 20 16. ख्वाजा मोइनुद्दीन चिश्ती किसके शासन काल में भारत आए? पृथ्वीराज चौहान-II पृथ्वीराज चौहान-III अजयराज विग्रहराज-IV Solution -ख्वाजा मोइनुद्दीन चिश्ती 1192 ई. में तराइन के द्वितीय युद्ध के समय मोहम्मद गौरी के साथ पृथ्वीराज चौहान-III के शासन काल में भारत आए। -इन्होंने अपनी कर्मस्थली अजमेर (राजस्थान) को चुना। 17 / 20 17. निम्नलिखित कथनों पर विचार करें– 1. वल्लभाचार्य कृष्णदेवराय के समकालीन थे। 2. वल्लभाचार्य ने शुद्ध अद्वैतवाद दर्शन का प्रतिपादन किया। उपर्युक्त कथनों में से सत्य है/हैं– केवल 1 केवल 2 1 व 2 दोनों न ही 1 और न ही 2 Solution ● वल्लभाचार्य कृष्णदेवराय के समकालीन थे तथा वल्लभाचार्य ने शुद्ध अद्वैतवाद दर्शन का प्रतिपादन किया। ● वल्लभाचार्य ने रूद्र संप्रदाय चलाया। 18 / 20 18. 1857 की क्रांति के विद्रोह का बिहार में जगदीशपुर के किस जमींदार ने नेतृत्व किया था? चिन्ताभूपति सदरुद्दीन कुँवर सिंह अजीमुल्ला Solution ● बिहार में जगदीशपुर के जमींदार कुँवरसिंह ने आरा जिले के क्षेत्र में नेतृत्व किया था। अंग्रेज सेनापति मिलमेन, कर्नल डेक्स व मेजर डगलस को हराया था। ● गोलकुण्डा में चिन्ताभूपति ने विद्रोह किया था। ● नाना साहब ने तात्या टोपे व अजीमुल्ला के सहयोग से 5 जून, 1857 में कानपुर को अंग्रेजों से मुक्त किया। ● सदरुद्दीन नामक किसान ने मेवात क्षेत्र में क्रान्ति का नेतृत्व किया था। 19 / 20 19. निम्न में से किसने “The Indian War of Independence 1857” नामक पुस्तक लिखी थी? एस.एन. सेन आर.सी. मजूमदार एस.बी. चौधरी वी.डी. सावरकर Solution ● एस. एन. सेन – Eighteen Fifty Seven ● आर. सी. मजूमदार – The Sepoy Mutiny & the Revolt of 1857 ● एस. बी. चौधरी – Civil Rebelian in the Indian Mutinities (1857-1859) ● वी. डी. सावरकर – The Indian War of Independence 1857 20 / 20 20. किसने कहा था कि ‘अभी दिल्ली दूर’ है? शेख सलीम चिश्ती ख्वाजा मोइनुद्दीन चिश्ती निजामुद्दीन ओलिया अमीर खुसरो Solution -निजामुद्दीन ओलिया की लोकप्रियता से प्रभावित होकर जब गयासुद्दीन तुगलक अपने बंगाल अभियान पर था तब ओलिया को पत्र लिखकर दिल्ली छोड़ने का आदेश दिया तो ओलिया ने प्रत्युत्तर में कहा “दिल्ली अभी दूर” है। Your score is 0% पुनः प्रारम्भ करे आपको यह क्विज कैसी लगी ….रेटिंग दे | धन्यवाद 😍 👇👇 Send feedback फ्री टेस्ट , नोट्स और अपडेट के लिए Join करे 👇👇 Join WhatsApp Join Now Join Telegram Join Now